साक्षी मेडिकल कॉलेज के 17 स्टूडेंट्स ने मांगी इच्छा मृत्यु, कमलनाथ सरकार बेखबर

                             


भोपाल. साक्षी मेडिकल कॉलेज म्याना जिला गुना में शिक्षण सत्र 2016-17 में प्रवेश लेने वाले और प्रथम वर्ष की परीक्षा दे चुके 17 विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल सहित अन्य जिम्मेदारों को पत्र लिखते हुए इच्छा-मृत्यु की इजाजत मांगी है। इन विद्यार्थियों को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) नई दिल्ली ने संस्था द्वारा समय पर सूची जमा न किए जाने के कारण प्रवेश लेने के एक वर्ष बाद केवल सूची के आधार पर डिस्चार्ज कर दिया था, जबकि सूची भेजने मे इन छात्रों की कोई भूमिका ही नहीं थी। यह जानकारी सोमवार को राजधानी में आयोजित पत्रकार वार्ता में पीडि़त विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने दी। मामला सामने आने के बाद जिम्मेदारों के हाथ-पांव फूल गए हैं।
एक अभिभावक संजय लाड़ ने बताया कि इनमें से कुछ विद्यार्थी तो ऐसे भी हैं जिनके नामों की सूची मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा तय की गई अंतिम तिथि के पूर्व ही जमा हो चुकी थी। जिसकी जानकारी स्वयं एमसीआई ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) में दी थी। इन विद्यार्थियों का यह भी कहना है कि हमारे प्रवेश की जमा सूचियों के संवैधानिक साक्ष्य सूचना के अधिकार अधिनियम मे सभी संस्थाओं ने जारी किए हैं। वहीं, समान प्रकरणों के उच्च न्यायालयीन एवं माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी मौजूद हैं, जिनमें यह कहा गया है कि नीट पास कर चुके विद्यार्थियों को सूची के आधार पर डिस्चार्ज नहीं किया जा सकता है । विद्यार्थियों ने कहा, विगत 2 वर्षो से असहनीय पीड़ा सहन करते हुए हमनें अंतत: यह निर्णय लिया है कि रोज-रोज मरकर जीवन जीने से तो अच्छा है कि हमें इच्छा-मृत्यु की स्वीकृति प्रदान की जाए।