रायबरेली. जिले के महाराजगंज कोतवाली में तैनात एक दरोगा को वाहन चेकिंग के दौरान फजीहत झेलनी पड़ी। ग्रामीणों ने पहले वसूली का आरोप लगाकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने दरोगा से ही पूछ लिया कि आप भी ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। लोगों ने दरोगा से हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस और बीमा के कागजात के बारे में पूछा तोदरोगा रौब झाड़ने लगे। लंबी बहस के बाद दरोगा के स्वर नरम पड़े और स्वयं की बाइक का भी चालान काटना पड़ा। घटना से झल्लाए दरोगा ने कोतवाली से पुलिस बल बुलवाया और गांव में जमकर हंगामा किया।
दरोगा अशोक कुमार शनिवार को एक सिपाही और होमगार्ड को लेकर कैड़ावा गांव के पास वाहन चेकिंग कर रहे थे। यहां क्षेत्र पंचायत सदस्य राम सजीवन के घर समारोह था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग बाइक से आ जा रहे थे। इस पर दरोगा ने एक वाहन पर सवार तीन लोगों को रोका और बिना हेलमेट, बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने पर 5 हजार रुपए के जुर्माने का चालान काट दिया।
इसकी सूचना मिलने पर मौके पर गांव के प्रधान देशराज भी पहुंच गए और उनकी दरोगा अशोक कुमार से बहस होने लगी। प्रधान ने कहा कि वाहन चेकिंग मुख्य सड़कों पर की जाती है। न कि ग्रामीण इलाकों में। उन्होंने यह भी कहा कि आप भी हेलमेट नहीं लगाए हैं। खुद पर जुर्माना क्यों नहीं लगाते? इसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। मामला इतना गरमा गया कि बड़ी संख्यामें ग्रामीण इकट्ठा होकर दरोगा की हूटिंग करने लगे।